Wednesday, November 14, 2018

यादों की दौलत The Treasure of Memories






यादों की दौलत

चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में
दो दिलों की धडकनों का संगीत थमा, सहमी होठों की मुस्कान
वो सपने जो संजोये थे हमने तुमने साथ साथ
क्यों बनते बनते मिट गए हमारी तकदीरों से
चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में
वो हंसी की फुहार वो मदमस्त छेड़छाड़
वो बेफिक्री का आलम वो आसमानों की ललक
धुंआ बनकर बिखर गई तूफ़ान के थपेड़ो में
चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में
यादों की दौलत ज़हन के तहखाने में, बेखुदी में लुटा न दूं मैखाने में
लेकिन करूँ क्या, बाँट भी नहीं सकता उसको
न फकीरों में और न ही अमीरों में
चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में
वो दौर ठहाकों और मजाकों का, खूब चला दोस्तो यारों में
सीख लिया था टेढ़ीमेढ़ी पगडंडियों पर गिरना और संभालना   
फिर भी फँस गए वक्त की हेराफेरियों में
चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में
वो बारिश की बूंदों को चखना, तूफानों को बाँधने का दम रखना
फिर हवा के इक झोंके ने मचाई तबाही बेहिसाब
हम देखते रह गए बंधे वक्त की जंजीरों में
चुराए हुए वो खुशनुमा पल किस्मत की लकीरों से
न जाने कैसे गुम हो गए दर्द के अंधेरों में


The Treasure of Memories

Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain
Symphony of beats of two hearts paused, smile froze on lips
Those dreams we cherished together
Were erased from our destiny supine
Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain
That spray of laughter and woozy teasing
That blithe flair and ardour for the skies
All scattered like smoke in a storm alpine
Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain
The wealth of memories in mind’s cavern
I daren’t lose it in a tavern
I can’t gift it away to the rich or mystics divine
Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain
We fell and recovered on the uneven paths
Still got tangled in the vagaries of time
The spell of laughter and humour among friends was fine
Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain
Tasted raindrops and gabbled away, kept storms under our sway
We watched tied in the shackles of time
When a waft of breeze wrought such ruin
Those happy moments stolen from fateline
Don’t know how they were lost in the gloom of pain


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